परियों की कहानी: अद्भुत परियों का संसार

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परियों की कहानी: अद्भुत परियों का संसार

परियों की कहानी: अद्भुत परियों का संसार

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक खूबसूरत जंगल था। इस जंगल में कई प्रकार के पेड़-पौधे, जीव-जंतु और अजीबोगरीब फूल खिलते थे। लेकिन सबसे खास बात यह थी कि इस जंगल में परियाँ भी रहती थीं। इन परियों की खूबसूरती की मिसाल दी जाती थी। वे स्वर्णिम चमकती थीं और उनकी आवाज़ सुनकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता था।

परियों की कहानी: अद्भुत परियों का संसार

गाँव के बच्चों को परियों की कहानियाँ सुनना बहुत पसंद था। उनकी दादी कहती थीं, “अगर तुम रात में चाँद की रोशनी में इस जंगल के पास जाओ, तो तुम परियों को नाचते हुए देख सकते हो।” बच्चों का मन हमेशा इस जंगल की ओर खिंचता था, लेकिन वे डरते थे क्योंकि दादी कहती थीं कि अगर किसी ने परियों का रहस्य उजागर करने की कोशिश की, तो वे उन्हें अपने जादुई संसार से बाहर नहीं आने देंगी।

 

एक दिन, गाँव में एक लड़का था जिसका नाम था अर्जुन। अर्जुन बहुत साहसी और चतुर था। उसे परियों की कहानियों में बहुत रुचि थी, और वह जानता था कि उसे इन परियों से मिलने का एक मौका ज़रूर मिलेगा। उसने ठान लिया कि वह एक रात जंगल में जाएगा और परियों से मिले बिना नहीं लौटेगा।

बच्चों की परियों की कहानी

रात का समय आया, चाँद ने आसमान में चमकना शुरू कर दिया। अर्जुन ने अपने छोटे से थैले में कुछ खाने-पीने की चीजें रखीं और जंगल की ओर चल पड़ा। जैसे ही वह जंगल में पहुँचा, उसे वहाँ की ताजगी और खुशबू का एहसास हुआ। उसने ध्यान से सुनी हुई कहानियों को याद किया और धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा।

परियों की कहानी: अद्भुत परियों का संसार

अर्जुन ने कुछ ही देर में एक खुली जगह देखी। वहाँ एक चाँदनी छिटकी हुई थी, और चारों ओर रंग-बिरंगी रोशनी बिखरी हुई थी। अर्जुन ने देखा कि वहाँ कुछ सुंदर परियाँ नाच रही थीं। उनकी आँखें चाँद की रोशनी की तरह चमक रही थीं, और उनके कपड़े फूलों की पंखुड़ियों से बने हुए थे। अर्जुन की आँखें उनकी खूबसूरती देख कर चमक उठीं।

लेकिन तभी, अर्जुन को याद आया कि उसे परियों के रहस्य को उजागर नहीं करना चाहिए। उसने अपनी छिपने की जगह बना ली और उन्हें ध्यान से देखने लगा। परियाँ गा रही थीं, नाच रही थीं और एक-दूसरे के साथ हंस रही थीं। अर्जुन इस दृश्य को देखकर पूरी तरह से मंत्रमुग्ध हो गया।

परियों की दुनिया

तभी अचानक, एक छोटी सी परियाँ को देखकर अर्जुन की सांसें थम गईं। वह परियों की रानी, लयाना, थी। लयाना के सुनहरे बाल और नीली आँखें थीं। वह और भी खूबसूरत लग रही थी। अर्जुन ने उसकी मुस्कान को देख लिया और महसूस किया कि वह उसे देख रही है। लयाना ने उसे देखा और मुस्कुराई।

“क्या तुम यहाँ छिपे हो?” लयाना ने कहा, “तुम्हें यहाँ आना नहीं चाहिए था।”

अर्जुन ने डरते-डरते कहा, “मैं सिर्फ आपको देखने आया था। मैंने आपकी कहानियाँ सुनी थीं और मैं आपसे मिलना चाहता था।”

रहस्यमयी परियाँ

लयाना ने उसे देखा और कहा, “अगर तुम सच में हमारी कहानियाँ सुनना चाहते हो, तो तुम्हें हमारी दुनिया में आना होगा। लेकिन याद रखना, यहाँ की जादुई दुनिया में रहस्य होते हैं। अगर तुम कोई रहस्य उजागर करोगे, तो तुम वापस नहीं जा पाओगे।”

अर्जुन ने कहा, “मैं कोई रहस्य उजागर नहीं करूंगा। मैं सिर्फ आपकी दोस्ती चाहता हूँ।”

लयाना ने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है, लेकिन पहले तुम्हें एक चुनौती का सामना करना होगा। तुम्हें हमें साबित करना होगा कि तुम हमारी दुनिया के लिए योग्य हो।”

अर्जुन ने हिम्मत जुटाई और कहा, “मैं तैयार हूँ।”

परियों का जंगल

लयाना ने उसे एक तितली की तरह छोटी परियों के साथ भेजा। वे सब उसे एक अद्भुत जगह पर ले गईं, जहाँ जादुई फूलों की एक बाग थी। वहाँ फूलों की खुशबू और रंगों ने अर्जुन को मंत्रमुग्ध कर दिया। लेकिन वहाँ एक समस्या थी—एक विशालकाय सांप उस बाग की रक्षा कर रहा था।

सांप ने अर्जुन को देखकर कहा, “तुम यहाँ क्यों आए हो? तुम हमारे जादुई फूलों को छू नहीं सकते।”

अर्जुन ने डरते हुए कहा, “मैं केवल यहाँ की सुंदरता देखने आया हूँ। मुझे जाने दो।”

सांप ने कहा, “अगर तुम इन फूलों को छूना चाहते हो, तो तुम्हें मुझसे लड़ना होगा।”

अर्जुन ने सोचा और हिम्मत जुटाई। उसने अपनी चतुराई का उपयोग करते हुए सांप से कहा, “क्या तुम मुझसे एक खेल खेलना चाहोगे? अगर मैं जीत गया, तो तुम मुझे जाने दोगे।”

सांप ने सोचा और कहा, “ठीक है, खेलो।”

परियों का रहस्य

अर्जुन ने सांप के साथ एक पहेली खेली। वह जानता था कि सांप को पहेलियों का बहुत शौक था। अर्जुन ने अपने बुद्धिमानी से सांप को मात दी। सांप हारकर बहुत गुस्से में आ गया, लेकिन उसने वादा निभाया और अर्जुन को जाने दिया।

परियों का नाच

लयाना और बाकी परियाँ अर्जुन की बहादुरी और बुद्धिमानी से बहुत प्रभावित हुईं। उन्होंने उसे अपने जादुई बाग में आने का आमंत्रण दिया। अर्जुन ने वहाँ के जादुई फूलों की खुशबू का आनंद लिया और परियों के साथ समय बिताया।

समय बीतता गया, और अर्जुन ने परियों से दोस्ती कर ली। वे उसे अपने रहस्यों और जादुई दुनियाओं के बारे में बताने लगीं। लेकिन एक दिन, अर्जुन को याद आया कि उसे अपने गाँव लौटना है।

जादुई संसार

अर्जुन ने लयाना से कहा, “मुझे अब वापस जाना होगा। मेरी माँ मेरी बहुत याद कर रही होंगी।”

लयाना ने दुखी होते हुए कहा, “लेकिन तुम हमारे साथ रह सकते हो।”

अर्जुन ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं आपकी दोस्ती को हमेशा याद रखूंगा, लेकिन मुझे अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखना होगा।”

लयाना ने कहा, “ठीक है, लेकिन तुम हमारे रहस्य को कभी नहीं भूलना।”

अर्जुन ने वादा किया और परियों ने उसे वापस गाँव के पास छोड़ दिया। अर्जुन ने अपनी कहानी सुनाई, लेकिन उसने कभी परियों के रहस्य को उजागर नहीं किया।

लोककथा

उस दिन के बाद, अर्जुन ने अपने गाँव में सभी बच्चों को परियों की कहानियाँ सुनाना शुरू किया। वह हमेशा कहता, “परियाँ सच में होती हैं, और अगर तुम सही दिल से खोजोगे, तो वे तुम्हें मिल जाएँगी।”

परी कथा

इस तरह, अर्जुन की कहानी गाँव में मशहूर हो गई। उसने परियों से मिले अद्भुत अनुभव को हमेशा अपने दिल में संजोकर रखा और उनके जादुई संसार को हमेशा याद किया। और इस तरह, परियों की कहानी हमेशा जीवित रही, जो हर दिल में एक जादू भर देती थी।

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"मैं एक दसवीं कक्षा का छात्र हूँ, जो हिंदी साहित्य और कहानियों का शौक रखता हूँ। मेरी वेबसाइट पर आप विभिन्न प्रकार की हिंदी कहानियों का आनंद ले सकते हैं, चाहे वो प्राचीन लोक कथाएँ हों, प्रेरणादायक कहानियाँ, या मनोरंजक लघु कहानियाँ। मेरा उद्देश्य हिंदी भाषा और उसकी समृद्ध साहित्यिक धरोहर को युवा पीढ़ी के बीच पहुँचाना है, ताकि उन्हें भी इन कहानियों के माध्यम से कुछ नया सीखने और सोचने का मौका मिले।"

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